माँ कात्यायनी: व्रत, पूजा विधि, कथा, मंत्र, भोग और महत्व (Navratri Day 6)

By | March 20, 2026

Maa Katyayani माँ कात्यायनी प्रस्तावना

नवरात्रि का छठा दिन देवी दुर्गा के छठे स्वरूप Maa Katyayani को समर्पित होता है। माँ कात्यायनी को शक्ति, साहस और विजय की देवी माना जाता है। इनकी पूजा करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

Maa Katyayani माँ कात्यायनी कौन हैं?

Maa Katyayani नवदुर्गा का छठा स्वरूप हैं। इनका जन्म ऋषि कात्यायन के घर हुआ था, इसलिए इन्हें कात्यायनी कहा जाता है।

माँ का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य है। वे सिंह पर सवार रहती हैं और उनके चार हाथ होते हैं, जिनमें तलवार और कमल जैसे दिव्य अस्त्र-शस्त्र होते हैं।

माँ कात्यायनी व्रत विधि (Step-by-Step)

माँ कात्यायनी सुबह की तैयारी (Maa Katyayani)

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इस दिन लाल रंग शुभ माना जाता है। इसके बाद माँ का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

माँ कात्यायनी पूजा सामग्री

फूल, धूप, दीप, रोली, अक्षत, फल, मिठाई और विशेष रूप से शहद (भोग के लिए) रखें।

पूजा विधि

  • पूजा स्थान को शुद्ध करें

  • माँ कात्यायनी की प्रतिमा स्थापित करें

  • दीपक और धूप जलाएं

  • फूल, रोली और अक्षत अर्पित करें

  • भोग लगाएं (शहद)

मंत्र जाप करें:

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः

माँ कात्यायनी व्रत नियम

  • दिनभर फलाहार करें

  • सात्विक भोजन लें

  • सेंधा नमक का उपयोग करें

  • मन को शांत रखें

माँ कात्यायनी का प्रिय भोग

माँ को शहद अत्यंत प्रिय है। इसे भोग में अर्पित करने से जीवन में मधुरता और सफलता आती है।

माँ कात्यायनी की पौराणिक कथा

धार्मिक मान्यता के अनुसार, महिषासुर नामक राक्षस के अत्याचार से पृथ्वी और स्वर्ग लोक परेशान थे। तब देवी दुर्गा ने कात्यायनी रूप धारण कर महिषासुर का वध किया।

इसी कारण इन्हें महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है और यह रूप शक्ति और विजय का प्रतीक है।

माँ कात्यायनी मंत्र

बीज मंत्र:

👉 ॐ देवी कात्यायन्यै नमः

ध्यान मंत्र:

👉 चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानवघातिनी॥

माँ कात्यायनी का महत्व

Maa Katyayani की पूजा करने से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और विजय प्राप्त होती है।

विशेष रूप से विवाह में देरी या बाधा आने पर माँ कात्यायनी की पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। उनकी कृपा से जीवन में प्रेम, सफलता और समृद्धि आती है।

माँ कात्यायनी नवरात्रि Day 6 का शुभ रंग

लाल रंग – शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक

माँ कात्यायनी व्रत में ध्यान रखने वाली बातें

  • लहसुन-प्याज का सेवन न करें

  • मांसाहार और नशे से दूर रहें

  • सकारात्मक सोच रखें

  • साफ-सफाई का ध्यान रखें

माँ कात्यायनी की कृपा कैसे प्राप्त करें?

माँ की कृपा पाने के लिए सच्चे मन से पूजा करें, मंत्र जाप करें और जरूरतमंदों की सहायता करें। दुर्गा चालीसा और आरती का नियमित पाठ भी बहुत लाभकारी होता है।

निष्कर्ष

माँ कात्यायनी का व्रत और पूजा करने से जीवन में साहस, सफलता और विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान होता है। नवरात्रि के छठे दिन विधि-विधान से पूजा करने पर माँ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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